गन्ने की फसल में 100 किलोग्राम यूरिया प्रति हैक्टेयर की दर से जुलाई के महीने में मिट्‌टी में उन्नत नमी सुनिश्चित करके डाल देनी चाहिए।

यूरिया को गन्ना पौधों के पास पंक्तियों में डाल दें और इसके बाद गुड़ाई करें।

किसान भाई गन्ने की फसल की जरूरत अनुसार सिंचाई और गुड़ाई करते रहे।

पके हुए अन्त: फसल की फलियों को तोड़कर फसल अवशेष को गन्ने की पंक्तियों के बीच मैं हल चलाकर मिट्‌टी में पलटकर खेत की सिंचाई कर दें।

बारिश नहीं होने अथबा सूखे की अबस्था में इथरेल 12 मिलीलीटर को 100 लीटर पानी में घोलकर पत्तियों पर छिड़काव करें।

यदि हरी-खाद फसल की बुवाई करनी हो तो जून के लास्ट में बुवाई कर दें।

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