धान की फसल खबर ; धान में झुलसा रोग से सतर्क रहें किसान भाई

जीवाणु झुलसा में पत्तियां की नोंक एवं किनारे से हल्के हल्के सूखने लग जाती है। 

सूखे हुए किनारे पर अनियमित अथवा टेढ़े-मेढे हो जाते हैं। 

धारीदार जीवाणु झुलसा में पत्तियों की नसों के बीच कत्थई रंग की लंबी धारियां बन जाती हैं। 

इन रोगों के उपचार के लिए खड़ी धान फसल में स्ट्रेप्टोसायिकलीन छह ग्राम एवं 350 -400 ग्राम कॉपरआक्सीक्लोराइड 50%

यदि फसल में रोग के लक्षण दिखाई दें तो यूरिया की टापड्रेसिंग कदापि नहीं करें।

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